इंटरनेट का इतिहास - History of Internet In Hindi

 इंटरनेट का इतिहास -  History of Internet In Hindi 

नमस्कार दोस्तों स्वागत है आपका हमारे इस छोटे से वेब पर तो दोस्तों आप लोग हैडिंग को देखकर समझ गए होंगे की आज हम बात करने वाले है internet के इतिहास व इसके विकास के बारे में | 





internet का आविष्कार कैसे हुआ ? 


इंटरनेट आज हमारे रोजमर्रा की ज़िंदगी का एक अहम हिस्सा बन चूका है | आज हम बिना इंटरनेट के दुनिया की कल्पना नहीं कर सकते।  ऐसा माना जाता है कि इंटरनेट के बिना आगे बढ़ना लगभग असंभव हो गया है क्योकि आज हमारे ज्यादातर कार्य या काम इंटरनेट की सहायता से ही होते है | 


आज यदि लोगो को कुछ भी जानना होता है या किसी को किसी भी बारे में रिसर्च करना हो  तो सभी लोग इंटरनेट की सहायता लेते है | इंटरनेट की सहायता से लोग घंटो का काम कुछ ही समय में कर लेते है जैसे -
किसी भी स्थान या किसी भी व्यक्ति के पास कांटेक्ट करना सुचना भेजना व अन्य बहुत से काम है जो इंटरनेट की सहयता से जल्दी किये जाते है | 






आपने कभी सोचा है कि वो इंटरनेट जिसने हमारे जीवन में क्रन्तिकारी परिवर्तन ला दिया है उस इंटरनेट का आविष्कार कैसे हुआ होगा ? इंटरनेट हमारे जीवन का एक अभिन्न अंग बन जुका है आज के समय में भारत के सभी युवा - युवती, छात्र - छात्राएँ , बच्चे से लेकर बड़े तक सभी इंटरनेट का आसानी से इस्तेमाल कर रहे है | तो आईये अब बिना समय गवाए हम ये जान लेते है की इंटरनेट का आविष्कार कैसे हुआ ? इसका इतिहास क्या है ?


इंटरनेट का इतिहास -- History of Internet In Hindi 

सन 1960 से  पहले संचार के लिए मुख्य रूप से टेलीग्राम और टेलीफोन नेटवर्क का उपयोय किया जाता था | message को मुख्य रूप से टेलीग्राफ़ी की सहायता से send किया जाता था और voice के लिए उस समय टेलीफोन नेटवर्क का उपयोग किया जाता था लेकिन आज दुनिया पूरी तरह से बदल चुकी है और इसकी शुरुआत इंटरनेट के आविष्कार के पश्चात हुई है जिसने पूरी दुनिया में क्रान्ति लाने का कार्य किया है | 



माना जाता है कि बल्ब का आविष्कार थॉमस अल्वा एडिसन ने किया , टेलीफोन का आविष्कार ग्राहम बेल ने किया परन्तु इंटरनेट के बारे में ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली है कि इसका आविष्कार किस व्यक्ति ने किया है | इंटरनेट का आविष्कार पीढ़ी दर पीढ़ी हुआ और इसके विकास में बहुत सारे computer scientist ने अपना अहम योगदान दिया है | 


सन 1960 की बात है जब रूस और अमेरिका के बीच कोल्ड वॉर हो रहा था और ऐसी युद्ध की वजह से टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए अमेरिका ने अपने सारे computer को एक साथ जोड़ना चाहा और इसके लिए सर्वप्रथम 1962 में अमेरिका में ARPA ( ADVANCED RESEARCH PROJECT AGENCY ) की स्थापना हुयी जो की DOD  ( DIPARTMENT OF DEFENSE ) के अंतर्गत कार्य करता था | इस एजेंसी का मुख्य उदेस्य अमेरिकी डिफेंस के COMPUTER  को एक दूसरे के साथ जोड़ना था | 





सन 1967  में ACM  ( Association for Computing Machinery ) की मीटिंग में ARPA ने " ARPANET "का आईडिया दिया जिसमे प्रत्येक डिवाइस को Imp  ( Interface Massage Processor ) के साथ जोड़ा गया ये imp आपस में कम्युनिकेशन करने में बेहतर थे | 


जब भी किन्ही दो डिवाइस के बीच डाटा ट्रांसफर करना होता था तो डिवाइस उस डाटा को IMPs को send करती थी और फिर ये IMPs उस डाटा को दूसरे डाटा को receiver डिवाइस के पास पहुंचा देता था | इस तरह दो डिवाइस के बीच कम्युनिकेशन की शुरुआत हुयी और यहीं से नेटवर्क का विकास शुरू हुआ | 






ARPA  ने छोटे नेटवर्क का उपयोग करके दो COMPUTER के बीच COMMUNICATE किया जिसके कारण इसका नाम ARPANET (Advanced Research Project Agency ) रख दिया गया | 


सन 1969 में ARPANET ने चार Nodes बनाये :-


  1. University of California at Los Angeles ( UCLA) 
  2. University of California at Santa Barbara (UCSB)
  3. Stanford Research Institute (SRI)
  4. University of Utah.
 इन चारो University को IMPs के माध्यम से नेटवर्क के रूप में कनेक्ट किया और उनको कनेक्ट करने के लिए जिस सॉफ्टवेयर का उपयोग किया गया उसे  Network Control Protocol (NCP ) कहा गया ,  जो की होस्ट के बीच कम्युनिकेशन प्रदान करता है | 


इसके बाद 1974 में Vent Cerf  और khan ने दो computer  को आपस में जोड़ने के लिए TCP (Transmission Control Protocol ) का उपयोग किया | Vent Cerf को ही FATHER OF INTERNET भी कहा जाता है | 


1 जनवरी 1983 को इंटरनेट का आधिकारिक जन्मदिन माना जाता है क्योकि इसी दिन TCP /IP  प्रोटोकॉल का एक स्टेंडर्ड वर्शन जारी किया गया था जो नेटवर्क में कम्प्यूटर्स को आपस में कम्युनिकेशन करने की अनुमति प्रदान करता है | 

TCP/IP ( ट्रांसफर कण्ट्रोल प्रोटोकॉल / इंटरनेट प्रोटोकॉल ) से पहले ऐसा कोई स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल नहीं था जिससे कंप्यूटर , नेटवर्क में एक दूसरे के साथ संवाद कर सके | ऐसे में ट्रांसफर कण्ट्रोल प्रोटोकॉल / इंटरनेटवर्क प्रोटोकॉल  (TCP / IP ) का विकास हुआ और यही से इंटरनेट का भी जन्म हुआ |



आज के समय में इंटरनेट 
(Internet Today)

       
आज का युग टेक्नोलॉजी का युग है | और आज के समय में इंटरनेट का महत्त्व सभी जगहों में बढ़ता जा रहा है | अगर आपको कोई massage एक डिवाइस से दूसरे डिवाइस में भेजना हो तो उसके लिए आपको इंटरनेट का उपयोग करना पड़ेगा | यहाँ तक कि किसी दूर के ग्रहो में भी अपने command को रोबोट या फिर satellite तक भेजने के लिए भी इंटरनेट का उपयोग किया जा रहा है 


असल में हम internet से पूरी तरह से घिरे हुए है और बिना इंटरनेट के जीवन जीना लगभग मुश्किल सा हो गया है | आज ,440 मिलियन कंप्यूटरो को इंटरनेट से सीधे  जोड़ दिया गया है जिसके  दुनिया भर के लोगो का जीवन आसान या सरल हो गया है | 


आज इंटरनेट तक पहुँच रखने वालो के लिए जानकारी और ज्ञान साझा करना बेहद आसान हो गया है सबसे अधिक इंटरनेट उपयोगकर्ताओं वाला देश चीन है , जिसके 1.4 बिलियन उपयोगकर्ता है, इसके बाद भारत में 1.3 बिलियन और संयुक्त राज्य अमेरिका में 0.3 बिलियन से कुछ अधिक इंटरनेट user है | 


भारत में इंटरनेट की शुरुआत कैसे हुई (Bharat Me Internet Kab Aaya )





भारत में इंटरनेट की शुरुआत 15 अगस्त 1995 को विदेश संचार निगम लिमिटेड (VSNL) द्वारा किया गया था | विदेश संचार निगम लिमिटेड यह एक मात्र ऐसी कंपनी थी जिसने द्वारा पहली बार इंटरनेट का अस्तित्व भारत में आया | 

विदेश संचार निगम लिमिटेड ने अपने टेलीफोन लाइन के जरिये दुनिया के सारे COMPUTER को भारत के साथ आपस में जोड़ा। शुरूआती दिनों में जुड़े थे क्योकि उस समय इंटरनेट की गति भी बहुत ज्यादा तेज नहीं थी | आज के मुकाबले 100 गुना कम थी | 

सन 1990 के दशक बाद लोगो की रूचि इसमें बहुत ज्यादा बढ़ती चली गयी और सन १९९८ को ही हमारी सरकार ने निजी कम्पनिया जैसे :- idea , airtel , Vodafone को इंटरनेट की सर्विस उपलब्ध करने की अनुमति प्रदान की और इसी साल क'देश का पहला WEBSITE INDIAWORLD.COM 
आरम्भ हुयी | 


शुरूआती दिनों में कहा जाता था की इंटरनेट भारत में विकल्प मात्र है परन्तु कुछ समय के बाद इसकी लोकप्रियता बढ़ती चली गयी और आज दुनिया भर में भारत पहले स्थान पर है | 


इंटरनेट का उपयोग आज हम हमारे दैनिक दिनचर्या के साथ - साथ कुछ महत्वपूर्ण काम जैसे मोबाइल बैंकिंग , लाइव टीवी, डाटा ट्रांसफर ये सभी काम करने के लिए भी करते है | 


आजकल के समय में तो इंटरनेट लोगो को सर्विस के साथ - साथ रोजगार भी दे रहा है | बच्चे से लेकर बड़े बुजुर्ग भी इंटरनेट का इस्तेमाल करते है कोई अपने एंटरटेनमेंट के लिए कोई पढ़ने के लिए या कुछ सिखने के लिए इंटरनेट को इस्तेमाल में लेते है | 

सबसे पहले इंटरनेट केवल Computer में ही उपयोग किया जाता था फिर , इंटरनेट कनेक्शन को मोबाइल के साथ जोड़ दिया गया ताकि अधिक से अधिक लोग इंटरनेट का उपयोग कर पाएं | 

आज इंटरनेट हमारे सभी गेजेट्स से जुड़ चूका है आने वाले समय में यह हर डिवाइस से जुड़ता जायेगा और लोगो के काम को आसान बना देगा | 


इंटरनेट का विकास 
( Development of internet in  Hindi )

1969 में : एक अमेरिकी रक्षा विभाग ने चार (4) विश्वविद्यालय के कंप्यूटर को जोड़कर एक नेटवर्क बनाया और Arpanet की शुरुआत की | इसका विकास शिक्षा संस्थानों के लिए किया गया था | 


1972 ईस्वी में. यह इतिहास का एक ऐसा समय था जब पहली बार इलेक्ट्रॉनिक मेल और ई-मेल की शुरुआत की गयी थी | 

1973 ईस्वी में : यह वही समय था जब इंटरनेट प्रोटोकॉल को डिजाइन किया गया था | ऐसे समय में एक ऐसी चीज़ का विकास हो चूका था जिससे कोई भी उपयोगकर्ता किसी भी या कैसी भी फाइल को कभी भी डाउनलोड कर सकता था | 

1986 ईस्वी में : एक ऑर्गनिजेशन नेशनल साइंस फाउंडेशन ने पहली बार Arpanet को बहुत बड़े नेटवर्क के रूप में बनाया।

1988 ईस्वी में : इसमें फिनलैंड के जाक्रको ओकेरिनेने नामक व्यक्ति ने पहली बार इंटरनेट चैटिंग का विकास किया।  


1989 ईस्वी में : सी आर  एन ने एक नई सुचना तकनीक का विकास किया जिसे वोर्ल वाइड वेब 
( WORLD WIDE WEB ) के नाम से जाना जाता है यह हाइपरटेक्स्ट पर आधारित था। इस तकनीक से इंटरनेट USER किसी दूसरी SITE का DATA कभी भी डाउनलोड क्र सकते थे। 


1993 ईस्वी में : एक मार्क एड्रीसन नमक व्यक्ति ने मोजैक नामक नेविगेटिंग सिस्टम का विकास किया। ऐसे सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल आमतौर पर ग्राफिक्स के लिए किया गया गई। 

1994 ईस्वी में : इस समय बहुत सारे ब्राउज़र मार्केट में आ चुके थे। इंटरनेट को एक्सेस करना बेहद आसान हो गया था।  

1995 ईस्वी में : इस समय में बिजनेस वेबसाइट शुरू की जिसका उद्देस्य व्यापार को बढ़ावा देना था।  

1996 ईस्वी में : अब इंटरनेट को चलाना बेहद आसान हो गया था इस समय में लोग इंटरनेट की मदद से अपने कामो या कार्यो को बड़ी आसानी से COMPLETE कर रहे थे। 

1999 ईस्वी में : यह वो दौर था जिसमे लोग इंटरनेट चलने  में ज्यादा रूचि लेने लगे थे। इंटरनेट की मदद से लोगो ने कामना भी स्टार्ट कर दिया था लोग अपने जरूरत के सामान को ONLINE खरीदने और बेचने लग गए। 


आज आपने क्या सीखा ? 

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हमने HISTORY OF INTERNET के बारे में बात की है और यह भी जाना की इंटरनेट का आविष्कार कैसे हुआ ? इसका इतिहास क्या है ? ( HISTORY OF INTERNET IN HINDI ) और भारत में इंटरनेट की शुरुआत कैसे हुई  ( BHARAT ME INTERNET KB AAYA ) 

तो दोस्तों आशा करता हु कि आपको ये आर्टिकल पसंद आया होगा और यदि आपको यह आर्टिकल पसंद आया है तो इस आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करे। 


अगर आपको अभी भी इंटरनेट का आविष्कार कैसे हुआ ? इसका इतिहास क्या है ? आदि से सबंधित कोई भी प्रश्न या कोई DOUBT है तो आप COMENTS के जरिये हमसे पूछ सकते है। हम आपके सभी प्रश्नो का उतर देने की पूरी कोशिश करेंगे। 

ऐसे ही नई टेक्नोलॉजी , कंप्यूटर साइंस , इंटरनेट , नेटवर्किंग आदि से रिलेटिड जानकारी पाने के लिए हमारे इस वेबसाइट को सब्स्क्राइब कर लीजिये ताकि भविष्य में आने वाले आर्टिकल आप तक पहुँच सके। 


धन्यवाद 🙏🙏

https://youtu.be/rxN8Iuo28oQ


 OPEN THIS LINK AND WATCH VIDEO FOR MORE 
INFORMATION 




























Comments